जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) — उत्तर प्रदेश
जाति प्रमाण पत्र क्या है और किसे चाहिए
जाति प्रमाण पत्र राजस्व विभाग द्वारा जारी वह आधिकारिक दस्तावेज़ है जो किसी व्यक्ति की जाति और वर्ग — अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) — को प्रमाणित करता है। यह प्रमाण पत्र eSathi पोर्टल (esathi.up.gov.in) से ऑनलाइन बनवाया जा सकता है और बनने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर वाली PDF के रूप में मिलता है।
इसकी ज़रूरत इन जगहों पर सबसे अधिक पड़ती है:
- आरक्षण का लाभ: सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में SC/ST/OBC आरक्षित सीटों के लिए यह प्रमाण पत्र अनिवार्य है।
- छात्रवृत्ति: SC/ST और OBC छात्रों की छात्रवृत्ति योजनाओं में जाति प्रमाण पत्र मुख्य दस्तावेज़ होता है।
- फीस में छूट और आयु में रियायत: कई भर्तियों और प्रवेश परीक्षाओं में वर्ग के अनुसार छूट इसी प्रमाण पत्र से मिलती है।
- सरकारी योजनाएं: वर्ग-आधारित कल्याणकारी योजनाओं की पात्रता इसी से तय होती है।
SC/ST और OBC — आवेदन में मूल अंतर
SC और ST के मामले में जाति जन्म से निश्चित होती है, इसलिए प्रमाण पत्र का आधार परिवार का जातिगत रिकॉर्ड होता है और एक बार बना प्रमाण पत्र आमतौर पर आजीवन चलता है। OBC के मामले में एक अतिरिक्त शर्त जुड़ी होती है — आवेदक का परिवार नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) में होना चाहिए। क्रीमी लेयर वह आर्थिक सीमा है जिससे ऊपर के परिवार आरक्षण के पात्र नहीं माने जाते। चूँकि परिवार की आर्थिक स्थिति समय के साथ बदल सकती है, OBC प्रमाण पत्र की वैधता सीमित अवधि की होती है। आवेदन करते समय पोर्टल पर अपनी सही श्रेणी चुनना सबसे महत्वपूर्ण कदम है — गलत श्रेणी चुनने पर आवेदन सीधे अस्वीकार हो जाता है।
एक नज़र में — जाति प्रमाण पत्र
| प्रमाण पत्र | जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) — SC / ST / OBC |
|---|---|
| जारी करने वाला विभाग | राजस्व विभाग, उत्तर प्रदेश |
| आवेदन पोर्टल | esathi.up.gov.in (eDistrict UP का नागरिक पोर्टल) |
| शुल्क (स्वयं ऑनलाइन) | ₹10–15 |
| CSC शुल्क | ₹30 + सुविधा शुल्क ₹30–50 |
| प्रोसेसिंग समय | 7–15 कार्य दिवस |
| वैधता | SC/ST: आजीवन · OBC (NCL): 1–3 वर्ष |
| हेल्पलाइन | 0522-2304706 · ईमेल: ceghelpdesk@gmail.com |
ज़रूरी दस्तावेज़
सामान्य दस्तावेज़ सभी श्रेणियों के लिए एक जैसे हैं। इनके अलावा श्रेणी के अनुसार जाति का प्रमाण देना होता है — वही इस आवेदन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सभी आवेदकों के लिए
- आवेदक का आधार कार्ड
- पासपोर्ट साइज़ फोटो
- राशन कार्ड (पारिवारिक विवरण के लिए)
- स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र — भरा और हस्ताक्षर किया हुआ, केवल JPEG प्रारूप में
- निवास से जुड़ा कोई प्रमाण — जैसे परिवार का निवास प्रमाण पत्र या वोटर ID (यदि उपलब्ध हो)
- आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए)
SC / ST आवेदकों के लिए जाति का प्रमाण
- पिता या परिवार के किसी सदस्य का पहले से बना जाति प्रमाण पत्र (सबसे मज़बूत प्रमाण)
- परिवार का पुराना रिकॉर्ड या ग्राम प्रधान / स्थानीय निकाय द्वारा जाति संबंधी प्रमाण (पुराना प्रमाण पत्र न होने पर)
- स्कूल रिकॉर्ड — जैसे स्थानांतरण प्रमाण पत्र (TC) जिसमें जाति दर्ज हो (यदि उपलब्ध हो)
OBC आवेदकों के लिए अतिरिक्त दस्तावेज़
- पिता का जाति प्रमाण पत्र या जाति का पारिवारिक प्रमाण (ऊपर की तरह)
- परिवार की आय से जुड़े दस्तावेज़ — नॉन-क्रीमी लेयर स्थिति के आकलन के लिए (आय प्रमाण पत्र या आय का प्रमाण)
- क्रीमी लेयर से संबंधित स्व-घोषणा — फॉर्म में पूछी गई आर्थिक जानकारी सही भरें
ऑनलाइन आवेदन — स्टेप बाय स्टेप
आवेदन eSathi पोर्टल से होता है। श्रेणी और जाति का नाम चुनते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि यहीं सबसे ज़्यादा गलतियाँ होती हैं।
eSathi पोर्टल खोलें
esathi.up.gov.in खोलें, या edistrict.up.gov.in से "सिटीज़न लॉगिन (eSathi)" पर क्लिक करके यहाँ आएँ। मोबाइल ब्राउज़र पर भी पोर्टल पूरी तरह काम करता है।
पंजीकरण करें (केवल पहली बार)
"नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण" से 6–8 अक्षरों की लॉगिन ID बनाएँ, विवरण भरें और आधार से लिंक मोबाइल पर आए OTP से सत्यापन पूरा करें। लॉगिन ID स्थायी होती है, उसे लिखकर रखें।

लॉगिन करके डैशबोर्ड खोलें
पहले लॉगिन में OTP अस्थायी पासवर्ड रहेगा; स्थायी पासवर्ड बनाकर दोबारा लॉगिन करें।
प्रमाण पत्र सेवा में जाति प्रमाण पत्र चुनें
सेवाओं की सूची से "प्रमाण पत्र सेवा" खोलकर जाति प्रमाण पत्र चुनें।
श्रेणी और जाति सावधानी से चुनें
फॉर्म में पहले अपनी श्रेणी चुनें — SC, ST या OBC — फिर सूची से अपनी जाति का नाम चुनें। जाति का नाम ठीक वही लिखें जैसा आपके पारिवारिक रिकॉर्ड या पिता के प्रमाण पत्र में दर्ज है। OBC आवेदक नॉन-क्रीमी लेयर संबंधी प्रश्नों के उत्तर सही आर्थिक जानकारी के आधार पर दें।
पारिवारिक विवरण भरें
पिता का नाम, पता, जिला और तहसील की जानकारी भरें। नाम की स्पेलिंग आधार कार्ड और पुराने प्रमाण पत्र से मिलाकर लिखें — स्पेलिंग का छोटा अंतर भी सत्यापन में अड़चन बनता है।
दस्तावेज़ अपलोड करें
आधार, फोटो, घोषणा पत्र (JPEG) और जाति के प्रमाण अपलोड करें। पिता का जाति प्रमाण पत्र हो तो उसे ज़रूर लगाएँ — इससे सत्यापन तेज़ और आसान हो जाता है।
शुल्क जमा करें और SRN लें
PAYGOV से UPI, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड द्वारा शुल्क जमा करें। सफल सबमिशन पर मिला SRN नंबर और SMS सुरक्षित रखें।
सत्यापन और जारी होना
लेखपाल क्षेत्र में जाकर परिवार की जाति और निवास का सत्यापन करता है — पुराने रिकॉर्ड और स्थानीय जानकारी से जाति की पुष्टि होती है। रिपोर्ट के बाद तहसीलदार डिजिटल हस्ताक्षर करता है और प्रमाण पत्र जारी हो जाता है।
शुल्क — eSathi बनाम CSC
| आवेदन का माध्यम | सरकारी शुल्क | अतिरिक्त खर्च | कुल अनुमानित |
|---|---|---|---|
| स्वयं ऑनलाइन (eSathi) | ₹10–15 | कोई नहीं | ₹10–15 |
| CSC / जन सेवा केंद्र | ₹30 | सुविधा शुल्क ₹30–50 | ₹60–80 |
CSC से आवेदन करवाते समय ध्यान रखें कि केंद्र संचालक अपने VLE लॉगिन से आवेदन करता है — अपना eSathi पासवर्ड उसे न दें। SRN और रसीद अपने पास रखें। शुल्क में बदलाव संभव है, अंतिम राशि पोर्टल पर ही देखें।
स्टेटस चेक और डाउनलोड
SRN से बिना लॉगिन स्टेटस देखने का तरीका और हर स्टेटस का अर्थ मुख्य पृष्ठ की स्टेटस गाइड में दिया गया है। स्थिति "प्रमाण पत्र जारी" होते ही प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।

डाउनलोड: eSathi में लॉगिन करें → "पूर्ण आवेदन" → अपने आवेदन पर क्लिक → "Print" → "Save as PDF"। यह डिजिटल हस्ताक्षर वाली प्रति ही आधिकारिक प्रमाण पत्र है; इसकी कितनी भी प्रतियाँ प्रिंट की जा सकती हैं और QR कोड व प्रमाण पत्र संख्या से इसकी सत्यता जांची जा सकती है। डाउनलोड के बाद जाति, श्रेणी और नाम की स्पेलिंग विशेष रूप से जांच लें — गलती हो तो PDF में सुधार संभव नहीं, नया आवेदन करना होगा।
आवेदन reject क्यों होता है — और फिर क्या करें
- गलत श्रेणी का चयन — SC की जगह OBC या उल्टा चुनना; श्रेणी फॉर्म का सबसे संवेदनशील हिस्सा है।
- जाति का अपर्याप्त प्रमाण — न पिता का प्रमाण पत्र, न कोई पारिवारिक रिकॉर्ड संलग्न करना।
- नाम की स्पेलिंग में अंतर — आधार, स्कूल रिकॉर्ड और फॉर्म में नाम अलग-अलग होना।
- OBC में क्रीमी लेयर जानकारी गलत — आय संबंधी जानकारी दस्तावेज़ों से मेल न खाना।
- घोषणा पत्र की गलती — PDF प्रारूप में अपलोड या बिना हस्ताक्षर के भेजना।
- सत्यापन में पुष्टि न होना — क्षेत्रीय जांच में जाति या निवास की पुष्टि न हो पाना।
अस्वीकृति पर eSathi में कारण पढ़कर कमी पूरी करें और दोबारा आवेदन कर दें — कोई जुर्माना नहीं लगता। यदि नाम की स्पेलिंग पुराने रिकॉर्ड से अलग है तो पहले उस रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया अपनाएँ, वरना हर आवेदन में वही अड़चन आएगी। किसी भी चरण में समस्या हो तो हेल्पलाइन 0522-2304706 पर SRN के साथ बात करें या ceghelpdesk@gmail.com पर लिखें।
संबंधित गाइड
- आय प्रमाण पत्र — OBC (NCL) और छात्रवृत्ति के लिए जाति के साथ अक्सर यही प्रमाण पत्र भी चाहिए होता है।
- निवास प्रमाण पत्र — UP आरक्षण के लाभ के लिए जाति के साथ निवास का प्रमाण भी ज़रूरी होता है।
- स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र — जाति आवेदन समेत सभी प्रमाण पत्रों में लगने वाला अनिवार्य फॉर्म।
- CSC गाइड — केंद्र से आवेदन करवाने से पहले शुल्क और सावधानियाँ जान लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जाति प्रमाण पत्र बनने में कितने दिन लगते हैं?
SC/ST और OBC प्रमाण पत्र की वैधता में क्या अंतर है?
OBC नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) का क्या मतलब है?
जाति प्रमाण पत्र का शुल्क कितना है?
पिता का जाति प्रमाण पत्र न हो तो क्या करें?
क्या दूसरे राज्य की जाति UP में मान्य होगी?
आवेदन reject हो जाए तो क्या करें?
जाति प्रमाण पत्र का स्टेटस कैसे देखें?
अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026