जन्म प्रमाण पत्र — ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ और सुधार की पूरी जानकारी

जन्म प्रमाण पत्र क्या है?

जन्म प्रमाण पत्र बच्चे के जन्म का सरकारी रिकॉर्ड होता है, जिसे जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत स्थानीय पंजीयक (Registrar) जारी करता है। इसमें बच्चे का नाम, जन्म तिथि, जन्म स्थान, माता-पिता के नाम और पंजीकरण संख्या दर्ज होती है। यही दस्तावेज़ आगे चलकर बच्चे की पहचान और नागरिकता के पहले प्रमाण के रूप में काम करता है — स्कूल में दाखिले से लेकर पासपोर्ट तक, हर जगह इसकी ज़रूरत पड़ती है।

उत्तर प्रदेश में जन्म प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन eSathi पोर्टल (esathi.up.gov.in) से किया जा सकता है, और चाहें तो नज़दीकी जन सेवा केंद्र (CSC) से भी आवेदन कराया जा सकता है। इस गाइड में हम आपको अस्पताल और घर पर जन्म — दोनों स्थितियों की प्रक्रिया, दस्तावेज़, शुल्क और सुधार का तरीका बता रहे हैं।

सेवाजन्म प्रमाण पत्र (नया पंजीकरण / प्रति प्राप्त करना)
ऑनलाइन शुल्क (eSathi)₹10 – ₹15
CSC से शुल्क₹30 सरकारी + ₹30–₹50 सुविधा शुल्क
प्रोसेसिंग समय7 – 15 कार्य दिवस
वैधतास्थायी (लाइफटाइम)
हेल्पलाइन0522-2304706 | ईमेल: ceghelpdesk@gmail.com

जन्म प्रमाण पत्र कहां-कहां काम आता है?

  • स्कूल और कॉलेज में दाखिला — आयु के प्रमाण के रूप में सबसे पहला दस्तावेज़ यही मांगा जाता है।
  • आधार कार्ड बनवाने में — 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे का आधार बनवाते समय जन्म प्रमाण पत्र मुख्य दस्तावेज़ होता है।
  • पासपोर्ट आवेदन — जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।
  • सरकारी छात्रवृत्ति और योजनाएं — आयु सीमा जांचने के लिए जन्म प्रमाण पत्र मांगा जाता है।
  • निवास प्रमाण पत्र और अन्य प्रमाण पत्रों में जन्म तिथि के साक्ष्य के रूप में।
  • वोटर ID और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज़ों में आयु सत्यापन के लिए।
ध्यान दें: जन्म प्रमाण पत्र सिर्फ बच्चे के लिए नहीं होता। यदि आपका जन्म प्रमाण पत्र कभी बना ही नहीं है और आप वयस्क हैं, तब भी देर से पंजीकरण (late registration) की प्रक्रिया से इसे बनवाया जा सकता है — नीचे विस्तार से बताया गया है।

अस्पताल में जन्म और घर पर जन्म — पंजीकरण में अंतर

अस्पताल या नर्सिंग होम में जन्म

यदि बच्चे का जन्म अस्पताल में हुआ है तो पंजीकरण का सबसे बड़ा हिस्सा अस्पताल ही पूरा करता है। अस्पताल प्रशासन जन्म की सूचना निर्धारित प्रपत्र में स्थानीय जन्म-मृत्यु पंजीयक को भेजता है। माता-पिता को केवल बच्चे का नाम तय करके अस्पताल के काउंटर पर देना होता है और कुछ दिनों बाद पंजीकरण की पुष्टि या प्रमाण पत्र की प्रति प्राप्त करनी होती है। अस्पताल से छुट्टी लेते समय जन्म सूचना की प्रति (birth report) ज़रूर ले लें — आगे किसी भी सुधार या प्रति के लिए यही सबसे काम का कागज़ होता है।

घर पर जन्म

घर पर जन्म की स्थिति में सूचना देना परिवार की ज़िम्मेदारी होती है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिव या ग्राम प्रधान के माध्यम से और शहरी क्षेत्र में नगर निकाय कार्यालय में जन्म की सूचना दी जाती है। आशा कार्यकर्ता या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी सूचना दर्ज कराने में मदद करती हैं। सूचना के बाद पंजीयक जन्म को रजिस्टर में दर्ज करता है, जिसके आधार पर प्रमाण पत्र बनता है।

21 दिन का नियम: जन्म का पंजीकरण जन्म के 21 दिनों के अंदर कराना सबसे आसान रहता है — इस अवधि में पंजीकरण बिना किसी अतिरिक्त अनुमति के हो जाता है। 21 दिन के बाद पंजीकरण में देरी का कारण बताना पड़ता है; ज़्यादा देरी (कई महीनों या वर्षों) की स्थिति में स्थानीय अधिकारी की अनुमति या मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए बच्चे के जन्म के तुरंत बाद पंजीकरण को प्राथमिकता दें।

ज़रूरी दस्तावेज़

आवेदन से पहले ये दस्तावेज़ तैयार रखें। ऑनलाइन आवेदन में हर फ़ाइल 100KB से कम आकार में JPEG या PDF प्रारूप में अपलोड करनी होती है:

  • अस्पताल द्वारा जारी जन्म सूचना (birth report) या डिस्चार्ज सारांश की प्रति
  • माता और पिता दोनों के आधार कार्ड
  • माता-पिता का पता प्रमाण (आधार कार्ड पर दर्ज पता सामान्यतः पर्याप्त होता है)
  • घर पर जन्म की स्थिति में ग्राम प्रधान / पार्षद का प्रमाणन या आशा कार्यकर्ता की रिपोर्ट
  • देर से पंजीकरण में देरी का कारण स्पष्ट करने वाला शपथ-पत्र या स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र
  • आवेदक का सक्रिय मोबाइल नंबर (OTP और स्टेटस सूचना के लिए)

eSathi से ऑनलाइन आवेदन — स्टेप बाय स्टेप

यदि जन्म का पंजीकरण रिकॉर्ड पहले से मौजूद है और आपको प्रमाण पत्र की प्रति चाहिए, या नया आवेदन करना है, तो प्रक्रिया इस प्रकार है:

eSathi पर लॉगिन करें

esathi.up.gov.in खोलें और अपनी लॉगिन ID व पासवर्ड से साइन इन करें। पहली बार आए हैं तो पहले "नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण" से खाता बनाएं — लॉगिन ID 6–8 अक्षरों की होती है, मोबाइल नंबर नहीं। विस्तार से समझने के लिए मुख्य पृष्ठ पर दी गई लॉगिन गाइड देखें।

eSathi पोर्टल का लॉगिन पेज
eSathi लॉगिन पेज — यहीं से सभी प्रमाण पत्र सेवाएं खुलती हैं

प्रमाण पत्र सेवा चुनें

डैशबोर्ड में "प्रमाण पत्र सेवा" विभाग के अंतर्गत जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित विकल्प चुनें। यदि विकल्प न दिखे तो खोज (search) में "जन्म" लिखकर सेवा ढूंढें।

विवरण सावधानी से भरें

बच्चे का नाम (जैसा प्रमाण पत्र पर चाहिए), जन्म तिथि, जन्म स्थान, माता-पिता के नाम बिल्कुल वैसे ही लिखें जैसे दस्तावेज़ों में हैं। नाम की स्पेलिंग में एक अक्षर का अंतर भी आगे चलकर सुधार की प्रक्रिया शुरू करा देता है, इसलिए सबमिट से पहले दो बार जांचें।

दस्तावेज़ अपलोड और शुल्क भुगतान

ऊपर बताए दस्तावेज़ों की स्कैन प्रति अपलोड करें और PAYGOV के माध्यम से UPI, नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड से शुल्क जमा करें। भुगतान सफल होने पर आवेदन संख्या (SRN) SMS से मिलेगी — इसे संभालकर रखें।

स्टेटस जांचें और डाउनलोड करें

आवेदन की स्थिति आप बिना लॉगिन किए भी देख सकते हैं — मुख्य पृष्ठ के स्टेटस सेक्शन में तरीका दिया गया है। स्थिति "प्रमाण पत्र जारी" दिखने पर eSathi के "पूर्ण आवेदन" से डिजिटल हस्ताक्षरित PDF डाउनलोड कर लें।

eDistrict UP आवेदन स्थिति जांचने का पेज
आवेदन की स्थिति वाला पेज — SRN डालकर स्टेटस देखा जाता है
नगर निगम / नगर पालिका नोट: कई शहरों में जन्म-मृत्यु पंजीकरण की व्यवस्था स्थानीय नगर निकाय अपने कार्यालय और अपने स्तर पर भी चलाता है। यदि जन्म अस्पताल में हुआ था और रिकॉर्ड वहां पहले से दर्ज है, तो प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति सीधे नगर निकाय कार्यालय से भी मिल जाती है — कई बार यह ऑनलाइन आवेदन से तेज़ पड़ता है। अपने शहर के नगर निगम कार्यालय में एक बार पूछ लेना उपयोगी रहता है।

शुल्क, समय और वैधता

माध्यमशुल्कअनुमानित समय
eSathi (स्वयं ऑनलाइन)₹10 – ₹157 – 15 कार्य दिवस
CSC / जन सेवा केंद्र₹30 + ₹30–₹50 सुविधा7 – 15 कार्य दिवस
देर से पंजीकरण (मजिस्ट्रेट आदेश सहित)शुल्क + विलंब शुल्क अलग से15 – 30 दिन या अधिक

जन्म प्रमाण पत्र की वैधता स्थायी होती है — इसे दोबारा नवीनीकृत नहीं कराना पड़ता। डिजिटल प्रति (PDF) जितनी बार चाहें डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं; QR कोड और प्रमाण पत्र संख्या से इसकी सत्यता कोई भी जांच सकता है। कानूनी रूप से यह IT Act, 2000 के तहत पूरे भारत में मान्य है।

नाम या जन्म तिथि में सुधार (Correction) कैसे कराएं?

प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उसमें छपी जानकारी PDF में बदली नहीं जा सकती — सुधार के लिए नया आवेदन करना होता है। प्रक्रिया इस प्रकार है:

  1. गलती पहचानें: नाम की स्पेलिंग, माता-पिता के नाम या जन्म तिथि — कौन-सी जानकारी गलत है, पहले स्पष्ट करें।
  2. साक्ष्य जुटाएं: अस्पताल की जन्म सूचना सबसे मज़बूत साक्ष्य होती है। साथ में माता-पिता के आधार कार्ड और, यदि बच्चा स्कूल में है तो, स्कूल रिकॉर्ड की प्रति रखें।
  3. आवेदन करें: संबंधित नगर निकाय / पंजीयक कार्यालय में सुधार हेतु आवेदन दें या eSathi से आवेदन करें। छोटी स्पेलिंग-गलती सामान्यतः दस्तावेज़ी सत्यापन से सुधर जाती है।
  4. जन्म तिथि में बदलाव: यह सबसे संवेदनशील सुधार है। तिथि बदलने के लिए ठोस साक्ष्य और अधिकारी की स्वीकृति अनिवार्य होती है, और बिना पर्याप्त प्रमाण के अनुरोध अस्वीकार हो सकता है। आवेदन अस्वीकार हो जाए तो कारण eSathi/कार्यालय से पूछकर साक्ष्य मज़बूत करके दोबारा आवेदन करें।
सावधानी: सुधार के नाम पर कोई दलाल "तुरंत बदलाव" का वादा करे तो सावधान रहें। सुधार केवल पंजीयक कार्यालय या आधिकारिक पोर्टल से होता है। किसी भी समस्या पर हेल्पलाइन 0522-2304706 पर संपर्क करें या ceghelpdesk@gmail.com पर लिखें।

यदि आप स्वयं ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते, तो CSC गाइड पढ़कर जन सेवा केंद्र से सही शुल्क में आवेदन कराने का तरीका जान सकते हैं। अन्य प्रमाण पत्रों के लिए आय प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र की गाइड भी देखें।

जन्म रिकॉर्ड प्रवाह

जन्म प्रमाण पत्र: अस्पताल से रिकॉर्ड तक

01अस्पताल पर्ची
02माता-पिता ID
03जन्म स्थान व तारीख
04नगर निकाय रिकॉर्ड
21 दिन के बाद पंजीकरण में अतिरिक्त अनुमति लग सकती है

मूल विज़ुअल गाइड • संदर्भ के लिए, आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन्म प्रमाण पत्र बनने में कितना समय लगता है?
आम तौर पर आवेदन के 7 से 15 कार्य दिवसों में जन्म प्रमाण पत्र तैयार हो जाता है। यदि जन्म का पंजीकरण पहले से अस्पताल या नगर निकाय में हो चुका है तो प्रक्रिया और तेज़ हो सकती है। छात्रवृत्ति या प्रवेश के सीज़न में आवेदन ज़्यादा होने से थोड़ी देरी संभव है।
जन्म प्रमाण पत्र के लिए कितना शुल्क लगता है?
eSathi पोर्टल से स्वयं आवेदन करने पर सरकारी शुल्क लगभग ₹10 से ₹15 लगता है। CSC यानी जन सेवा केंद्र से करवाने पर ₹30 सरकारी शुल्क के अलावा ₹30 से ₹50 तक सुविधा शुल्क अलग से लगता है। इससे अधिक मांगना गलत है, ऐसी स्थिति में 1076 पर शिकायत करें।
क्या बच्चे का नाम बाद में जन्म प्रमाण पत्र में जोड़ा जा सकता है?
हाँ। यदि प्रारंभिक पंजीकरण में बच्चे का नाम नहीं लिखा गया था, तो बाद में निर्धारित प्रक्रिया से नाम जोड़ा जा सकता है। इसके लिए संबंधित नगर निकाय या eSathi पर आवेदन, माता-पिता के पहचान पत्र और अस्पताल की जन्म सूचना उपयोगी होती है। नाम जुड़ने के बाद नया प्रमाण पत्र जारी होता है।
जन्म के 21 दिन बीत जाने के बाद पंजीकरण कैसे होगा?
21 दिन के बाद भी पंजीकरण संभव है, लेकिन प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो जाती है। देरी की अवधि के अनुसार स्थानीय निकाय के अधिकारी की अनुमति या मजिस्ट्रेट के आदेश की आवश्यकता पड़ सकती है। साथ में देरी का कारण और उपलब्ध साक्ष्य, जैसे अस्पताल के दस्तावेज़ या आशा/आंगनवाड़ी रिकॉर्ड, देने होते हैं।
अस्पताल से जन्म की सूचना न मिली हो तो क्या करें?
सबसे पहले अस्पताल के पंजीकरण काउंटर या मेडिकल रिकॉर्ड विभाग से संपर्क करें — हर अस्पताल को जन्म की सूचना स्थानीय जन्म-मृत्यु पंजीयक को भेजनी होती है। यदि जन्म घर पर हुआ था, तो ग्राम पंचायत या नगर निकाय कार्यालय में सूचना देकर पंजीकरण कराया जा सकता है।
जन्म प्रमाण पत्र में नाम या तिथि गलत हो तो सुधार कैसे होगा?
सुधार के लिए उसी निकाय में आवेदन करें जहां पंजीकरण हुआ है, या eSathi पर सुधार हेतु आवेदन करें। नाम की स्पेलिंग जैसी छोटी गलती सहायक दस्तावेज़, जैसे अस्पताल की जन्म सूचना और माता-पिता के आधार कार्ड, के आधार पर सुधरती है। जन्म तिथि में बदलाव के लिए मज़बूत साक्ष्य और अधिकारी की स्वीकृति आवश्यक होती है।
क्या जन्म प्रमाण पत्र DigiLocker में भी मिलता है?
हाँ, जारी होने के कुछ दिनों बाद प्रमाण पत्र DigiLocker में भी दिखाई देने लगता है। DigiLocker में लॉगिन करके Issued Documents में जन्म प्रमाण पत्र खोजें। वहां से मिली प्रति भी सरकारी कार्यों में मान्य होती है क्योंकि वह डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित होती है।

अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

अस्वीकरण: eDistrict UP Seva एक स्वतंत्र जानकारी गाइड है — यह उत्तर प्रदेश सरकार की आधिकारिक वेबसाइट नहीं है। आधिकारिक पोर्टल edistrict.up.gov.in है और सिटीज़न लॉगिन esathi.up.gov.in पर होता है। आवेदन हमेशा आधिकारिक पोर्टल से ही करें।