मृत्यु प्रमाण पत्र — ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज़ और सुधार की पूरी जानकारी
मृत्यु प्रमाण पत्र क्या है?
मृत्यु प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति की मृत्यु का सरकारी प्रमाण होता है, जिसे जन्म और मृत्यु पंजीकरण अधिनियम के तहत स्थानीय पंजीयक जारी करता है। इसमें मृतक का नाम, मृत्यु की तिथि व स्थान, आयु, पता और पंजीकरण संख्या दर्ज होती है। परिवार के लिए यह दस्तावेज़ कठिन समय में बनवाना पड़ता है, लेकिन इसके बिना मृतक से जुड़े लगभग सभी कानूनी और वित्तीय कार्य अटक जाते हैं — इसलिए मृत्यु के बाद के शुरुआती हफ्तों में ही इसका पंजीकरण करा लेना सबसे सही रहता है।
उत्तर प्रदेश में मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए eSathi पोर्टल (esathi.up.gov.in) से ऑनलाइन आवेदन होता है। यदि मृत्यु का रिकॉर्ड अस्पताल या नगर निकाय में पहले से दर्ज है, तो प्रमाणित प्रति वहां से भी प्राप्त की जा सकती है। स्वयं आवेदन न कर पाएं तो जन सेवा केंद्र (CSC) से भी यह काम कराया जा सकता है।
| सेवा | मृत्यु प्रमाण पत्र (पंजीकरण / प्रमाणित प्रति) |
|---|---|
| ऑनलाइन शुल्क (eSathi) | ₹10 – ₹15 |
| CSC से शुल्क | ₹30 सरकारी + ₹30–₹50 सुविधा शुल्क |
| प्रोसेसिंग समय | 7 – 15 कार्य दिवस |
| वैधता | स्थायी |
| हेल्पलाइन | 0522-2304706 | ईमेल: ceghelpdesk@gmail.com |
मृत्यु प्रमाण पत्र कहां-कहां काम आता है?
- बीमा दावा (Insurance Claim) — जीवन बीमा की राशि के दावे में यह सबसे पहला और अनिवार्य दस्तावेज़ होता है।
- संपत्ति का हस्तांतरण — मकान, ज़मीन या खाते को उत्तराधिकारी के नाम चढ़वाने (दाखिल-खारिज / नामांतरण) के लिए आवश्यक।
- पेंशन बंद करना या पारिवारिक पेंशन शुरू कराना — सेवानिवृत्त कर्मचारी की मृत्यु पर पेंशन रुकवाने और पात्र सदस्य को पारिवारिक पेंशन दिलाने के लिए।
- बैंक खाते और जमा राशि — मृतक के खाते बंद कराने, नॉमिनी को राशि दिलाने और जमा योजनाओं के निपटारे में।
- परिवार रजिस्टर में नाम हटवाने और राशन कार्ड में संशोधन के साक्ष्य के रूप में।
- वाहन, ऋण और अन्य खातों का निपटारा — लोन बंद कराने, वाहन स्थानांतरण और सरकारी रिकॉर्ड अद्यतन करने में।
मृत्यु का पंजीकरण — अस्पताल और घर, दोनों स्थितियां
अस्पताल में मृत्यु
यदि मृत्यु अस्पताल में हुई है तो अस्पताल प्रशासन मृत्यु की सूचना (death report) स्थानीय पंजीयक को भेजता है और परिवार को उसकी प्रति देता है। यह प्रति संभालकर रखें — यही पंजीकरण का आधार बनती है। यदि शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) हुआ था, तो उससे जुड़े कागज़ात भी साथ रखें।
घर पर मृत्यु
घर पर मृत्यु होने पर सूचना परिवार को स्वयं देनी होती है। अंतिम संस्कार के बाद श्मशान घाट या कब्रिस्तान से मिलने वाली रसीद अवश्य लें — यह मृत्यु के स्थान और तिथि का व्यावहारिक साक्ष्य होती है। ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत सचिव और शहरी क्षेत्र में नगर निकाय कार्यालय में सूचना दर्ज कराएं।
ज़रूरी दस्तावेज़
- अस्पताल की मृत्यु रिपोर्ट (death report) — अस्पताल में मृत्यु की स्थिति में
- श्मशान घाट / कब्रिस्तान की अंतिम संस्कार रसीद — विशेषकर घर पर मृत्यु में
- मृतक का आधार कार्ड (उपलब्ध हो तो)
- आवेदक (परिवार के सदस्य) का आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र
- मृतक का पता प्रमाण — राशन कार्ड या आधार पर दर्ज पता सामान्यतः चलता है
- देर से पंजीकरण की स्थिति में देरी का कारण बताने वाला घोषणा पत्र
- सक्रिय मोबाइल नंबर — OTP और आवेदन स्थिति की सूचना के लिए
ऑनलाइन आवेदन में हर दस्तावेज़ 100KB से कम आकार की JPEG या PDF फ़ाइल में अपलोड करना होता है। धुंधली या कटी हुई स्कैन प्रति आवेदन अस्वीकृति का आम कारण है, इसलिए साफ़ स्कैन करें।
eSathi से ऑनलाइन आवेदन — स्टेप बाय स्टेप
eSathi पर लॉगिन करें
esathi.up.gov.in खोलकर अपने खाते से लॉगिन करें। खाता न हो तो "नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण" से पहले खाता बनाएं — लॉगिन ID आपका चुना हुआ 6–8 अक्षरों का उपयोगकर्ता नाम होता है, मोबाइल नंबर नहीं।

मृत्यु प्रमाण पत्र सेवा चुनें
डैशबोर्ड की प्रमाण पत्र सेवाओं में मृत्यु प्रमाण पत्र का विकल्प चुनें। सेवा सूची लंबी होने पर खोज बॉक्स में "मृत्यु" लिखकर सेवा तुरंत ढूंढ सकते हैं।
मृतक और आवेदक का विवरण भरें
मृतक का नाम, मृत्यु की तिथि व स्थान, आयु, पता और आवेदक से संबंध ध्यान से भरें। नाम की स्पेलिंग आधार कार्ड के अनुसार ही लिखें — बैंकों और बीमा कंपनियों में रिकॉर्ड मिलान इसी से होता है, एक अक्षर का अंतर भी दावा अटका सकता है।
दस्तावेज़ अपलोड और शुल्क भुगतान
मृत्यु रिपोर्ट या अंतिम संस्कार रसीद सहित दस्तावेज़ अपलोड करें और PAYGOV से UPI / नेट बैंकिंग / कार्ड द्वारा शुल्क जमा करें। आवेदन संख्या (SRN) वाला SMS संभालकर रखें।
स्टेटस जांचें और प्रमाण पत्र डाउनलोड करें
आवेदन की स्थिति मुख्य पृष्ठ के स्टेटस सेक्शन में बताए तरीके से SRN द्वारा जांचें। "प्रमाण पत्र जारी" स्थिति आने पर eSathi के "पूर्ण आवेदन" खंड से डिजिटल हस्ताक्षरित PDF डाउनलोड करें।

शुल्क, समय और वैधता
| माध्यम | शुल्क | अनुमानित समय |
|---|---|---|
| eSathi (स्वयं ऑनलाइन) | ₹10 – ₹15 | 7 – 15 कार्य दिवस |
| CSC / जन सेवा केंद्र | ₹30 + ₹30–₹50 सुविधा | 7 – 15 कार्य दिवस |
| पंजीयक कार्यालय से प्रमाणित प्रति | नाममात्र शुल्क | सामान्यतः उसी दिन से कुछ दिनों में |
मृत्यु प्रमाण पत्र स्थायी दस्तावेज़ है। डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित PDF पूरे भारत में कानूनी रूप से मान्य होती है — बीमा कंपनियां, बैंक और न्यायालय सभी इसे स्वीकार करते हैं। जारी होने के बाद यह DigiLocker में भी उपलब्ध हो जाता है, जहां से परिवार का कोई भी सदस्य आवश्यकता पड़ने पर प्राप्त कर सकता है।
नाम या तिथि में गलती हो तो — सुधार प्रक्रिया
जारी हो चुके प्रमाण पत्र की PDF में सीधे बदलाव नहीं होता; सुधार के लिए पंजीयक कार्यालय में आवेदन करना होता है। नाम की स्पेलिंग जैसी त्रुटि अस्पताल की मृत्यु रिपोर्ट, अंतिम संस्कार रसीद और मृतक के आधार कार्ड के आधार पर सुधर जाती है। मृत्यु की तिथि में परिवर्तन सबसे संवेदनशील होता है — इसके लिए मज़बूत साक्ष्य और अधिकारी की लिखित स्वीकृति आवश्यक है।
सुधार आवेदन अस्वीकार हो जाए तो घबराएं नहीं — eSathi या कार्यालय से अस्वीकृति का कारण जानें, कमी पूरी करके दोबारा आवेदन करें। दोबारा आवेदन पर कोई जुर्माना नहीं लगता। किसी भी अड़चन पर हेल्पलाइन 0522-2304706 या ईमेल ceghelpdesk@gmail.com पर संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मृत्यु प्रमाण पत्र कितने दिनों में बन जाता है?
मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कितना शुल्क लगता है?
मृत्यु का पंजीकरण कितने दिनों के अंदर कराना चाहिए?
यदि मृत्यु घर पर हुई हो तो पंजीकरण कैसे होगा?
मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम या तिथि गलत हो तो क्या करें?
क्या एक से अधिक प्रतियां मिल सकती हैं?
मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026